तीन वर्ष पूर्व जिस दिन पिता का निधन हुआ था उसी तारीख को कनीना निवासी नितेश ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने पिता का सपना पूरा कर दिया। कनीना के वार्ड नंबर 10 निवासी ब्रह्मप्रकाश का 15 जुलाई 2022 में हृदय गति रुकने से निधन हुआ था और तीन वर्ष बाद 15 जुलाई के दिन ही बेटे नितेश ने भारतीय नौ सेना में लेफ्टिनेंट बनकर उनका सपना पूरा कर दिया। लेफ्टिनेंट नितेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता ब्रह्मप्रकाश व माता रेशम देवी के आदर्शों को दिया है। नितेश का भारतीय नौ सेना में लेफ्टिनेंट चयन होने पर कस्बा वासियों ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। नितेश के दादा देशराज बोहरा ने बताया कि नितेश ने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही पूरी की है। छठी कक्षा में करनाल जिले के सैनिक स्कूल कुंजपुरा में पढ़ाई पूरी की। 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एसएसबी की परीक्षा दी थी। 15 जुलाई को नियुक्ति के लिए पत्र आया है। 15 जुलाई 2022 को नितेश के पिता ब्रह्मप्रकाश का हृदय गति रुकने से निधन हो गया था और इसी तारीख को नितेश ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पिता का सपना पूरा किया है। मोहन सिंह पूर्व पार्षद ने बताया कि किसान परिवार से होते हुए नितेश अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंचा है। बाबा लाल गिरी कमेटी सदस्यों की ओर से नितेश कुमार को सम्मानित किया। नितेश की एक बहन साक्षी जयपुर में बीएससी की पढ़ाई कर रही है। माता रमेश देवी चरखी दादरी जिले के चिड़िया गांव में अतिथि व्याख्याता लगी हुई हैं।