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महेंद्रगढ़: मोलड़नाथ का ऐतिहासिक शक्कर मेला 27 फरवरी से होगा शुरू

शाहिल शर्मा Updated Thu, 19 Feb 2026 04:53 PM IST

कनीना कस्बे में संत शिरोमणि बाबा मोलड़नाथ की स्मृति में लगने वाला ऐतिहासिक धार्मिक मेला इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर 27 फरवरी को आयोजित होगा। मेले के आयोजन को लेकर बाबा मोलड़नाथ ट्रस्ट की ओर से वीरवार को बैठक कर सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। ट्रस्ट प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं व श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कनीना के सामान्य बस स्टैंड के समीप स्थित बाबा मोलड़नाथ आश्रम में प्रतिवर्ष यह मेला आयोजित होता है। शक्कर का प्रसाद चढ़ाए जाने की परंपरा के कारण यह मेला शक्कर मेला के नाम से भी प्रसिद्ध है। मेले में प्रदेशभर से श्रद्धालु पहुंचकर बाबा की समाधि पर धोक अर्पित करते हैं। मेले से पूर्व 26 फरवरी की रात्रि को आश्रम परिसर में भव्य शब्द-कीर्तन व रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। 27 फरवरी को पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनमें ऊंट-घोड़ों की दौड़, दंगल व सर्कल कबड्डी मुख्य आकर्षण रहेंगे। 28 फरवरी को भंडारे के आयोजन करके संतों को विदा किया जाएगा। ऊंट दौड़ व घोड़ियों की दौड़ में प्रथम स्थान पर 51 हजार, द्वितीय को 41 हजार व तृतीय 31 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता टीम को 71 हजार, उपविजेता को 51 हजार व तृतीय स्थान प्राप्त टीम को 21 हजार रुपये से सम्मानित किया जाएगा। बाबा मोलड़नाथ जिन्हें बालकनाथ नाम से भी जाना जाता है, ने कनीना सहित मांदी, कांवी भोजावास, रोड़वाल, मानसरोवर व नीमराणा आदि स्थानों पर तप किया। किंतु कनीना उनकी प्रमुख तपोस्थली रही। मान्यता है कि बाबा के तप के प्रभाव से क्षेत्र को आपदाओं व महामारियों से संरक्षण मिला। विक्रमी संवत 2006 फाल्गुन शुक्ल एकादशी को उन्होंने कनीना में ही समाधि ली, जहां आज उनकी प्रतिमा श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है। ट्रस्ट सदस्यों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर धार्मिक व सांस्कृतिक परंपरा को सशक्त बनाने का आह्वान किया है।

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