महेंद्रगढ़। गेहूं बिजाई के लिए अनुकूल समय को लेकर इस बार किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों के अनुसार अब किसान 10 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर सकते हैं। हालांकि गेहूं बिजाई के बाद इसके अंकुरण के लिए 28 से 32 डिग्री अधिकतम तापमान अनुकूल है। लेकिन इस बार अधिकतम तापमान 30 से अधिक व न्यूनतम 16 डिग्री के आसपास चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी तथा गेहूं की जमवार भी अच्छी हो सकेगी। 10 से 25 नवंबर तक गेहूं की अगेती तथा 15 दिसंबर तक पछेती किस्मों की बिजाई कर सकते हैं। बता दें कि पिछले चार-पांच सालों से गेहूं का औसत रकबा 75 हजार एकड़ रहा है। गेहूं को अधिक पानी की खेती माना जाता है जिसके कारण महेंद्रगढ़ जिले में रबी की प्रमुख फसल के रूप में किसान भी सरसों की अधिक बिजाई करते हैं। वहीं डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ जिले में नहरी पानी का अभाव भी गेहूं उत्पादन को प्रभावित करता है। हालांकि कृषि बिजली आपूर्ति प्रतिदिन आठ घंटे के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अघोषित कटों के कारण किसानों को तैयारियों में परेशानी आ रही है। लेकिन सरसों बिजाई का 95 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद अब किसानों ने भी गेहूं बिजाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पिछले एक पखवाड़े अधिकतम तामान भी 33 से 37 डिग्री के आसपास रहा था। लेकिन आगामी एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना रहेगी जो गेहूं अंकुरण के समय अनुकूल रहेगा। वहीं न्यूनतम में पिछले पखवाड़ से 12 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। गांव अगिहार निवासी किसान प्रमोद सिंह ने बताया कि आगामी चार-पांच दिनों में बिजाई शुरू कर दी जाएगी। अभी खेतों में सिंचाई का कार्य चल रहा है। क्षेत्र में अधिकांश किसान 10 से 25 नवंबर तक गेहूं की बिजाई पूरी कर लेंगे। खेतों की तैयारी में भी एक सप्ताह का समय लगता है। सरसों बिजाई के बाद किसानों ने भी गेहूं के लिए तैयारी शुरू कर दी थी।