केन्द्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के जिला प्रधान मास्टर सुबे सिंह व जिला सचिव छाजूराम रावत ने आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में धरने पर बैठे श्रमिकों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को पुलिस व मैनेजमेंट की मिलीभगत करार देते हुए इसे दमनात्मक बताया और इसका पुरजोर विरोध किया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के मजदूर वर्षों से लंबित अपनी न्यायोचित मांगों न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा व्यवस्था और स्थायीकरण को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन मैनेजमेंट उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेके पर कार्यरत श्रमिकों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में घोषित न्यूनतम वेतन वृद्धि को भी मजदूरों के साथ धोखा बताया। उनका कहना है कि त्रिपक्षीय समझौते के तहत निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, जबकि इन मानकों के अनुसार न्यूनतम वेतन कम से कम 30,000 रुपये मासिक होना चाहिए। एआईयूटीयूसी नेताओं ने मांग की कि श्रमिकों की सभी लंबित मांगों को जल्द स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन इस संघर्ष की घड़ी में मजदूरों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उनके समर्थन में प्रदर्शन कर एकजुटता को और मजबूत किया जाएगा।