निजामपुर खंड के गांव बायल में बस क्यू शेल्टर नहीं होने से ग्रामीण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी, बरसात और तेज धूप में यात्रियों को पेड़ों की छांव में खड़े होकर यातायात साधनों का इंतजार करना पड़ता है। गांव में पर्याप्त बस सेवा नहीं होने और निजी साधनों की कमी से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रावता की ढाणी निवासी विष्णु ठाकुर ने बताया कि बस अड्डे पर एक घंटे से अधिक इंतजार करने के बावजूद बसों की पर्याप्त सुविधा नहीं मिलती। बायल रोड पर केवल ट्रक, डंपर और ट्राले चलते हैं, लेकिन वे यात्रियों को बैठाते नहीं हैं। ऐसे में लोगों को कई घंटों तक कड़ी धूप और लू के थपेड़ों के बीच पेड़ों की छांव में बैठकर इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गांव में छोटा बस क्यू शेल्टर भी नहीं बना है, जिससे यात्रियों को बैठने तक की सुविधा नहीं मिल पा रही। नया गांव निवासी बाबूलाल ने बताया कि यहां बस सेंटर नहीं होने से यात्रियों को धूप, गर्मी और बरसात में पेड़ों के नीचे खड़ा रहना पड़ता है। बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं गांव पांचनोता के रामस्वरूप ने कहा कि नयागांव और पांचनोता दोनों जगह बस क्यू शेल्टर नहीं बने हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए दोनों गांवों में बस सेंटर बनाए जाने चाहिए। गांव बायल के मदन ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या बस अड्डे का अभाव है। एक छोटा बस क्यू शेल्टर बनने से यात्रियों को गर्मी और बरसात में राहत मिल सकेगी। फिलहाल सभी यात्री पेड़ों का सहारा लेकर इंतजार करने को मजबूर हैं।