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नारनौल के हुडा सेक्टर में दिखाई देता है नील गायों का झुंड

जिले में 16655.3 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल फैला हुआ है साथ ही यहां अरावली पर्वत श्रंख्ला भी मौजूद है। ऐसे में इस जंगल में अनेकों जंगली जानवरों का बसेरा है। लेकिन कई बार ये जानवर रास्ता भटक कर आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। जिससे आमजन भयभीत हो जाता है। नांगल चौधरी क्षेत्र में वीरवार रात को सड़क पर तेंदुआ घूमता नजर आया था, जो अभी तक पकड़ा नहीं गया है। हालांकि वन विभाग की टीम सर्च अभियान में जुटी हुई है। नील गाय का झ़ंड अक्सर आता है नजर शहर के हुडा सेक्टर में आए दिन नील गायों का झुंड दिखाई देता है। नील गाय वैसे तो जंगली जानवर है, लेकिन शाकाहारी होने के कारण इनसे कोई खतरा नहीं होता, तो आमजन भी इनकी परवाह नहीं करता है। वन विभाग के अधिकारी की माने तो हुडा सेक्टर बसने से पहले यहां भी जंगल ही था और यहां नील गायों का ही बसेरा होता था। सेक्टर बनने के बाद से लेकर अब तक यहां नील गायों का झुंड दिखाई पड़ता है। ऐसे बांटा गया है जंगल: जंगल क्षेत्र (हेक्टेयर में) रिजर्व फोरेस्ट 1662.01 प्रोटक्टेड फोरेस्ट, रोड 1213.92 प्रोटक्टेड फोरेस्ट, नहर 847.44 प्रोटक्टेड फोरेस्ट, बांध 97.68 प्रोटक्टेड फोरेस्ट, रेलवे लाइन 235.22 कॉम्पेक्ट प्रोटक्टेड फोरेस्ट 6539.67 अनक्लास्ड फोरेस्ट 37.94 सेक्शन 38 एक्सपायरी एरिया 544.72 सेक्शन 4 व 5 एक्सपायरी एरिया 1088.52 अरावली एरिया 4388.18 (कुल जंगल क्षेत्र) (16655.3) हुडा सेक्टर बनने से पहले यहां जंगल ही था। ऐसे में नील गाय घूमते फिरते यहां आ जाते हैं। घायल होने की दशा में या कोई खूंखार जानवर के आने पर वाइल्ड लाइफ के कर्मचारियों द्वारा इनको पकड़कर जंगल में छुड़वाया जाता है। -रजनीश कुमार, वन राजिक अधिकारी, नारनौल।

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