संवाद न्यूज एजेंसी नारनौल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बैनर तले बुधवार को किसानों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नगराधीश को सौंपकर समझौते को लागू नहीं करने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह और छाजूराम रावत ने कहा कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता किसानों, खेत मजदूरों और आम जनता के हित में नहीं है। उनका आरोप था कि इससे बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ होगा, जबकि छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका में कृषि को भारी सब्सिडी मिलती है और वहां बड़े स्तर पर मशीनीकृत खेती होती है। यदि अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों का बिना आयात शुल्क के भारत में प्रवेश होता है तो भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि देश का डेयरी क्षेत्र छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में विदेशी डेयरी उत्पादों के आयात से लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। उनका यह भी कहना था कि इस समझौते से लघु उद्योगों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा और विदेशी कंपनियों का बाजार पर दबदबा बढ़ेगा। प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की भी निंदा की गई। संगठन के नेताओं ने किसानों से गांव-गांव अभियान चलाकर इस समझौते के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। इस मौके पर कामरेड अभय सिंह, रामस्वरूप नंबरदार, शेर सिंह गणियार, ईश्वर सिंह, मास्टर सुबे सिंह, मास्टर बलवंत सिंह, रामशरण कसाना, भीमसेन सहित बड़ी संख्या में किसान और खेत मजदूर मौजूद रहे।