हरियाणा में भाजपा सरकार पर किसानों, आढ़तियों, मजदूरों और राइस मिलर्स के साथ उपेक्षा का आरोप लग रहा है। मंडियों में धान की खरीद और उठान की व्यवस्था न होने से किसान असहाय महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौसम की मार से प्रभावित किसानों को अब बचे हुए धान की खरीद के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री का वादा अधूरा सुरजेवाला ने कहा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का एलान किया था, लेकिन हकीकत में मंडियों में 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद हो रही है। नमी का हवाला देकर किसानों का शोषण किया जा रहा है।सरकार ने धान की खरीद और उठान के लिए उचित व्यवस्था नहीं की, जिससे किसान मंडियों में कई दिनों तक अपने अनाज की रखवाली करने को मजबूर हैं। बाजरा उत्पादकों की भी अनदेखी दक्षिणी हरियाणा में बाजरा उत्पादक किसान भी इसी तरह की उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में बासमती धान 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकता था, लेकिन अब इसे 2000 रुपये से भी कम कीमत पर खरीदा जा रहा है।