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कुरुक्षेत्र में समाधान शिविर में लगी शिकायतों की कतार, 60 फीसदी लोग बिना समाधान के बैरंग लौटे घर

जिले में इन दिनों लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए जा रहे समाधान शिविर आमजन के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं, लेकिन वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर में यह उम्मीदें काफी हद तक टूटती नजर आई। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने शिविर में लोगों की समस्याओं को सुना। शिविर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी। दूर-दराज के गांवों से आए लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। हर व्यक्ति की यही कोशिश थी कि उसका नंबर जल्द दर्ज हो जाए और वह अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा रख सके। शिविर में करीब 90 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई , लेकिन इनमें से 60 फीसदी शिकायतों का मौके पर समाधान नहीं हो सका। बिना समाधान लौटते लोगों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही थी। लोगों को उम्मीद थी कि समाधान शिविर में अधिकारी उनकी समस्या जरूर सुलझाएंगे, लेकिन लंबी सुनवाई के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। बिजली, पंचायत और प्रशासन से जुड़ी रहीं अधिकतर शिकायतें समाधान शिविर में पहुंची शिकायतों में अधिकतर मामले बिजली निगम, पंचायत विभाग और अन्य प्रशासनिक विभागों से जुड़े रहे। लोगों का कहना था कि वे पहले ही संबंधित विभागों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, इसलिए आखिरी उम्मीद लेकर समाधान शिविर में पहुंचे थे। मुंबई से भरा ऑनलाइन बिल, विभाग ने करा दी एफआईआर दर्ज बारवा गांव निवासी राजीव कुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह मुंबई में रहकर काम करते हैं। गांव बारवा में लगे बिजली मीटर का बिल उनका परिवार हर महीने फोन-पे और गूगल-पे के माध्यम से ऑनलाइन जमा करता आ रहा है। इसके बावजूद बिजली निगम के कर्मचारियों ने मीटर उतार लिया और उन पर बिजली चोरी का केस बनाते हुए एफआईआर दर्ज करा दी। राजीव ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए मुंबई से आए है। बिजली चोरी का बना दिया झूठा केस : मोहन बारवा वासी मोहन सिंह ने बताया कि बिजली कर्मचारियों ने उनपर झूठा बिजली चोरी का केस बना दिया। 15 हजार की पैनल्टी डाल दी। मोहन ने कहा कि बिजली कर्मचारियों को बोला की चोरी के मामले की विडियों दिखाओं लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें कोई विडियों नहीं दिखाई। उनपर पैसे भरने का दबाव बनाया जा रहा है। पेंशन के लिए पांच महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रहा : प्रीतम सलपानी खुर्द निवासी बुजुर्ग प्रीतम सिंह ने बताया कि वह करीब तीन साल से पेंशन ले रहे थे, लेकिन अचानक बिना किसी स्पष्ट कारण के उनकी पेंशन बंद कर दी गई। पिछले पांच महीने से वह पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। प्रीतम सिंह का कहना है कि विभागीय अधिकारी भी यह नहीं बता पा रहे कि उनकी पेंशन किस कारण से काटी गई। पेंशन बंद होने से उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गलती विभाग की, भुगत रहे हम : बिट्टू देवी ब्राह्मण खेड़ी निवासी बिट्टू देवी ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों की गलती के कारण उनकी फैमिली आईडी में तीन लाख रुपये सालाना आय दर्ज कर दी गई। इसी वजह से उनका राशन कार्ड काट दिया गया। बिट्टू देवी ने कहा कि उनका परिवार दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर है और राशन डिपो से मिलने वाले राशन के सहारे ही घर का गुजारा हो रहा था। राशन कार्ड कटने से परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि गलती विभाग की है, लेकिन खामियाजा पूरा परिवार भुगत रहा है। समाधान शिविर पर उठे सवाल समाधान शिविर से बिना हल लौटे लोगों का कहना है कि यदि यहां भी समस्याओं का समाधान नहीं होगा तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे शिविरों में केवल शिकायतें दर्ज करने तक सीमित न रहकर, मौके पर ही ठोस समाधान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन का भरोसा बना रहे।

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