जिस मेला ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले ही कार्यकाल में 11 साल पहले विशाल रैली में गरजे थे। वहीं, अब दशहरे से अगले ही दिन तीन अक्तूबर को गृह मंत्री अमित शाह की गर्जना होगी। यहां से वे न केवल लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे बल्कि विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। यहीं से वे कांग्रेस को भी निशाना साधते हुए वोट चोरी से लेकर बिहार चुनाव के दृष्टिगत अन्य मुद्दों पर घेर सकते हैं। इसके साथ ही वे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सहकारिता के जरिए आत्मनिर्भरत भारत अभियान को सफल बनाने, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को खास गुर दे सकते हैं। पहले यह आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया जाना था लेकिन अब पार्टी ने इसे विशाल रूप देने का फैसला किया है, जिसके चलते यह आयोजन अब मेला ग्राउंड में होगा। हालांकि गृह मंत्री द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाना है लेकिन अब कार्यक्रम विशाल रैली का रूप लेगा और इसी दृष्टिगत ही पार्टी इस आयोजन की तैयारी में भी जुट गई है। मेला ग्राउंड में न केवल खास शामियाना लगाया जाना शुरू कर दिया गया है बल्कि यहां ब्रह्मसरोवर के आसपास बनी अस्थाई अनाज मंडी को भी हटाया जाने लगा है।