कुरुक्षेत्र में अतिथि अध्यापकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर शनिवार को लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का पुतला दहन किया। अध्यापकों ने कहा कि अदालत के फैसलों के बावजूद सरकार की ओर से नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे उनमें रोष है। आंदोलनकारियों ने 6 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र में विशाल राज्य स्तरीय रैली करने का ऐलान किया। लघु सचिवालय में आयोजित आम सभा की अध्यक्षता पूनम कुमारी ने की। सभा को संबोधित करते हुए राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी अतिथि अध्यापकों को नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील में गई थी, लेकिन डबल बेंच ने सरकार की अपील खारिज कर दी। वक्ताओं ने कहा कि डबल बेंच ने भी अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के आदेश दिए हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर अध्यापकों में रोष बढ़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले में 16 और 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की नियमितीकरण नीतियों को वैध करार दिया गया। इसके बाद 29 अप्रैल और 27 मई 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के पक्ष में आदेश पारित किए। संगठन का दावा है कि प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापक इन नीतियों के तहत नियमित होने की सभी शर्तें पूरी करते हैं। उन्होंने सरकार से अतिथि अध्यापकों को तत्काल नियमित करने, 28 मई 2014 से सभी लाभ देने और छह प्रतिशत ब्याज सहित एरियर देने की मांग की।