चंडीगढ़/हरियाणा, 9 दिसंबर : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) की ओर से घोषित दो दिवसीय हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। एसएमओ की सीधी भर्ती पर रोक और संशोधित एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन (एसीपी) योजना लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर के करीब 3000 सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी अस्पतालों में ओपीडी, सर्जरी और अन्य सेवाएं प्रभावित हुईं। मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कई जिलों में निजी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में तैनात किया, लेकिन मरीजों का कहना है कि पर्याप्त और विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पाया। कई जगहों पर दवाएं लिखकर मरीजों को वापस भेज दिया गया या आगे की जांच टाल दी गई। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि यह दो दिन की सांकेतिक हड़ताल है। यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार ने वार्ताओं में वादे किए लेकिन उन्हें अमल में नहीं लाया।