कांग्रेस पार्टी अपने जिलाध्यक्षों को आगामी चुनावों में खोई सियासी जमीन वापस हासिल करने के लिए तैयार कर रही है। इसके तहत संगठन सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत कुरुक्षेत्र में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार तक राष्ट्रीय स्तर के नियंत्रण में रहा, जहां अब तक प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं को दूर रखा गया था। शनिवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शिविर में पहुंचे। उन्होंने हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को संगठन मजबूत करने के गुरमंत्र दिए। शाम को उन्होंने उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों की अलग बैठक ली और अगले वर्ष उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरने का रोडमैप बताया। रावत ने हरियाणा चुनाव हार के कारणों, उत्तराखंड में लगातार दो हार की वजहों तथा नए जोश के साथ भाजपा सरकार की नीतियों और बढ़ते अपराध के खिलाफ धरातल पर विरोध दर्ज कराने के तरीके बताए। उन्होंने जनता के बीच पार्टी की मौजूदगी दोबारा स्थापित करने पर जोर दिया। उत्तराखंड में हर रोज कानून-व्यवस्था की उड़ रही धज्जियां : रावत खास बातचीत में हरीश रावत ने उत्तराखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोज कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, जबकि किसानों और गरीबों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसका मुख्य उदाहरण अंकिता भंडारी हत्याकांड है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कांग्रेस इन मुद्दों पर धरातल पर उतरकर सरकार का विरोध करेगी।