कुरुक्षेत्र में सरकारी कामकाज को लेकर आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले पटवारियों और कानूनगो की तीन दिन की हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित रहा और अब तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों की हड़ताल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। चार दिन बाद लोगों को उम्मीद थी कि तहसीलों में कामकाज पटरी पर लौटेगा, लेकिन गुरुवार से तहसीलदार तीन दिन की पैन डाउन हड़ताल पर चले गए, जिससे रजिस्ट्री, इंतकाल, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। पटवारियों की हड़ताल के दौरान ही एक हजार से अधिक इंतकाल और करीब 1200 रजिस्ट्री लंबित हो चुकी हैं। अब तहसीलदारों की हड़ताल शुरू होने से इन मामलों के जल्द निपटारे की उम्मीद भी टूटती नजर आ रही है। शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग रोजाना तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। बुधवार को हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन की बैठक में यह फैसला लिया गया कि विक्रम सिंगला, तहसीलदार रायपुर रानी, नरेंद्र कुमार नायब तहसीलदार वजीराबाद और संजीव अत्री, तत्कालीन तहसीलदार नारायणगढ़ (अंबाला) के निलंबन के फैसले को चुनौती दी जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक इन अधिकारियों को बहाल नहीं किया जाता, तब तक तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर रहेंगे। एक सप्ताह से इंतकाल के लिए काट रहे चक्कर : विनोद शहरवासी विनोद कुमार ने बताया कि वह एक सप्ताह से इंतकाल के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पहले पटवारियों की हड़ताल और अब तहसीलदारों की हड़ताल के कारण उनका काम अटका हुआ है। वहीं सरोज देवी ने बताया कि उन्हें रजिस्ट्री करानी थी, लेकिन तीन दिनों से लगातार कार्यालय जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब तहसीलदारों की हड़ताल से परेशानी और बढ़ गई है। सोमवार तक हड़ताल जारी रहेगी : तहसीलदार तहसीलदार नवीन ने बताया कि सरकार के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सोमवार तक हड़ताल जारी रहेगी। अगर सोमवार तक भी सरकार ने निलंबित तहसीलदारों को बहाल नहीं किया तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।