भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के कईं पदाधिकारियों को पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के चलते घरों में ही नजरबंद रखा। सुबह से ही पुलिसकर्मी उनके पास पहुंच गए थे और गृह मंत्री के रवाना होने के बाद ही पुलिसकर्मी किसान नेताओं के घरों से हटे। भाकियू ने फसल अवशेष जलाने के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री को काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था, जिससे पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया था। एक दिन पहले ही वीरवार देर शाम जिला प्रधान संजू नंबरदार के अलावा संजीव आलमपुर, जयभगवान किरमिच सहित अन्य पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया। संजीव आलमपुर ने बताया कि बैठक में पुलिस अधिकारियों ने दो दिन के दौरान जिला उपायुक्त व कृषि उपनिदेशक के साथ बैठकर बातचीत करवाने का भरोसा दिया, जिसके बाद उन्होंने गृह मंत्री को काले झंडे दिखाने का फैसला वापस लिया। इसके बावजूद पुलिस सर्तक रही और तीनों पदाधिकारियों को घरों में ही नजरबंद कर दिया। संजीव आलमपुर ने बताया कि जहां संजू नंबरदार व जयभगवान किरमिच को पूरे कार्यक्रम के दौरान नजरबंद रखा तो वहीं उन्हें भी सुबह दो घंटे तक इसी स्थिति में रखा गया लेकिन करनाल में जरूरी काम के चलते उन्हें ढील दी गई। उन्होंने बताया कि काले झंडे दिखााने का ऐलान किसानों के साथ फसल अवशेष जलाने की आड़ में की जा रही ज्याददती के चलते किया गया था।