करनाल में सिग्नेचर ग्लोबल सेक्टर 29 में राधे रानी सखी संग कीर्तन मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिन प्रवचन करते हुए आशीष सागर महाराज ने काया कुटिया निराली जमाने भर से, काया कुटिया निराली दस दरवाजों वाली जमाने भर से, सबसे सुंदर आंखों की खिड़की जिसमें पुतली काली जमाने भर से भजन गाकर मनुष्य के सुंदर शरीर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साधु संतों की संगत से ही हमारे जीवन में नया संचार होता है। हमारा भी कर्तव्य बनता है कि साधु संतों के बताए रास्ते पर चलें। जगत के सारे सहारे झूठे है केवल भगवान का नाम ही सच्चा सहारा है। श्रीमद्भागवत कथा का रस बार बार पीना चाहिए। वहीं सभी ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत मे ही है। जिनके पास भगवान होते हैं उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जिसके सारथी खुद भगवान हो उनका रथ डगमागा ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमें सभी ग्रंथ पढ़ने चाहिए। काम, क्रोध, मद और लोभ ये हमारे सबसे बड़े दुश्मन हैं, हमें इनसे बचना चाहिए। हमें बड़े भाग्य से मानव शरीर मिला है, वहीं सबसे बड़ा शौभाग्य है कि भारत जैसे पवित्र देश में और सनातन धर्म में हमारा जन्म हुआ है और हम श्रीमद्भागवत की कथा सुन रहे हैं। इस अवसर पर किरण गोयल, रूचि सिंगला, मीनाक्षी शर्मा, प्रिंयका श्रीवास्तव, सुनीता जैन, अंजु जैन, ललिता रानी, अनीता रानी, अंजु उप्पल, रंजनी कांबोज, रूबी रानी, तकक्षीला शिखावत, मनीषा अग्रवाल, अन्नु रानी, माया रानी, सीमा, जूली, अंजु , विजय चटवासल, पूजा गोयल और मधु के साथ साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।