कभी नवाबों की रियासत के रूप में पहचाने जाने वाला कुंजपुरा अब खेल, न्यायपालिका और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी नई पहचान बना रहा है। गांव के युवाओं ने खेल मैदान से लेकर सरकारी सेवाओं तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गांव में स्थित जय हनुमान स्टेडियम आज खिलाड़ियों के लिए तपोभूमि बन चुका है, जहां कड़ी मेहनत कर युवा नेशनल स्तर पर पदक जीतकर गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। यही वजह है कि कुंजपुरा अब खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में उभर रहा है। गांव के कई खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और बाद में सरकारी नौकरियों में भी स्थान हासिल किया। इनमें संजीव कुमार, बहादुर सिंह, गौरव, संदीप अत्री, गुलाब सिंह, सुखविंद्र और धर्मेंद्र प्रमुख नाम हैं। खेलों के साथ-साथ कुंजपुरा ने न्यायपालिका और प्रशासनिक सेवाओं में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। गांव के वीरेंद्र सिंह न्यायपालिका में जज रहे, जबकि नरेंद्र सिंह हरियाणा लोक सेवा में अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। गांव निवासी प्रेमपाल सागर बताते हैं कि पहले गांव में स्टेडियम जैसी सुविधाएं भी नहीं थीं, लेकिन इसके बावजूद युवाओं ने अपने दम पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर नौकरियां हासिल कीं। अब बेहतर सुविधाओं के साथ नई पीढ़ी और भी बड़े मुकाम हासिल करने की ओर बढ़ रही है।