अखिल भारतीय महापौर परिषद की 53वीं साधारण सभा की बैठक का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पत्रकारों से बातचीत में उत्तर भारत में हो रही भारी बारिश के नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश ने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस आपदा से व्यापक तबाही मची है, जिसमें सड़कें, पुल, फसलें और आवास प्रभावित हुए हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पंजाब और जम्मू-कश्मीर को 5-5 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि उनकी गृह मंत्री अमित शाह से बात हो चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम तक भारत लौट आएंगे। पीएम से चर्चा के बाद प्रभावित राज्यों को केंद्र से अतिरिक्त सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया जाएगा। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 3,056 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि पंजाब में 1,000 से अधिक गांव और 61,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर के रामबन और रीसी जैसे क्षेत्रों में बादल फटने से नेशनल हाईवे और घरों को भारी क्षति पहुंची है। मंत्री ने गुड़गांव में बारिश के कारण लगे जाम का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों को भी प्रशासन का सहयोग करना चाहिए ताकि ट्रैफिक नियंत्रण बना रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार लंबे समय के कार्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन आपदा प्रबंधन में जन सहयोग अहम है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।यह बयान वर्तमान मौसमी संकट के बीच आया है, जहां हिमाचल को आपदा प्रभावित राज्य घोषित किया गया है और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।