करनाल के पुराने बस स्टैंड के समीप स्थित मानव सेवा संघ में रविवार को थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जेसीआई गोल्ड, एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, अमर उजाला फाउंडेशन, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी और करनाल केमिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। 300 से अधिक रक्तदाताओं ने किया रक्तदान शिविर की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई, जिसमें 300 से अधिक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। शिविर के संयोजक कपिल किशोर ने बताया कि यह उनकी संस्था द्वारा आयोजित 260वां रक्तदान शिविर था और इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। थैलेसीमिया मरीजों के लिए रक्तदान की अहमियत कपिल किशोर ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों को नियमित रूप से बाहरी रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है, जिससे उनका जीवन बेहतर हो सकता है। सही इलाज मिलने पर ऐसे मरीज 25 साल या उससे अधिक उम्र तक जीवित रह सकते हैं। उन्होंने रक्तदान को "महादान" बताते हुए कहा कि इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है और किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं होती। युवाओं से नशा छोड़कर रक्तदान करने की अपील कपिल किशोर ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और रक्तदान करें। उन्होंने कहा, "रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है और आयु बढ़ती है, जबकि नशा करने से शरीर कमजोर होता है और जीवन जल्दी समाप्त होने की संभावना बढ़ जाती है।"