करनाल के कई किसान पराली का सही तरह से प्रबंधन करके प्रदूषण कम करने में तो सहायक हो ही रहे हैं, साथ ही अतिरिक्त कमाई भी कर रहे हैं। सब्सिडी का लाभ उठाते हुए, किसान बेलर मशीनों का इस्तेमाल करके फसल अवशेषों का प्रबंधन कर रहे हैं। अपने खेतों और आस-पास के गांवों से पराली को इकट्ठा कर रहे हैं, उसे सीधे कारखानों को बेच रहे हैं।सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने वाले किसान दूसरों से टिकाऊ पराली प्रबंधन अपनाने की अपील कर रहे हैंं, जिसे अब काफी किसान सहमत भी हैं।