प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद सर्राफा बाजार में चर्चा का माहौल बना हुआ है। कारोबारियों का मानना है कि यदि लोग इस अपील को गंभीरता से लेते हैं तो आने वाले समय में सोने की मांग प्रभावित हो सकती है, जिसका असर बाजार और कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में इसका कोई बड़ा असर दिखाई नहीं दे रहा और वास्तविक स्थिति समझने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार सोने की खरीद केवल निवेश तक सीमित नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक परंपराओं से भी जुड़ी हुई है। शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य शुभ अवसरों पर लोग सोना खरीदना जरूरी मानते हैं। ऐसे में अचानक खरीदारी रुकने की संभावना कम है। सर्राफा कारोबारी साहिल गर्ग ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद ग्राहकों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी बाजार में खरीदारी सामान्य बनी हुई है। उन्होंने कहा कि तुरंत इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। यदि लोगों ने सोना न खरीदने का मन बना लिया तो करीब एक सप्ताह बाद बाजार में फर्क दिखाई दे सकता है। कारोबारी वरुण ने कहा कि सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति और आयात पर अधिक निर्भर करती हैं। हालांकि यदि मांग में कमी आती है तो कीमतों में कुछ नरमी जरूर देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने जैसे ही यह घोषणा की, अगले ही दिन स्टॉक मार्केट में एक हजार रुपय का उछाल आया।