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कैथल: गांव दुमाडा में किया गया प्राकृतिक खेती विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, गुजरात के राज्यपाल ने की शिरकत

शाहिल शर्मा Updated Mon, 02 Feb 2026 06:13 PM IST

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती धरती मां को बचाने, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य का आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन पूरे देश में प्राकृतिक खेती अब एक राष्ट्रीय मिशन बन चुका है। देश में 40 लाख किसान इस पद्धति को अपना चुके हैं, जिनमें से आठ लाख अकेले गुजरात से हैं। वहीं हरियाणा सहित देश भर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। आचार्य देवव्रत ने रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग से हो रहे नुकसान के प्रति सचेत करते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत सोमवार को गांव दुमाड़ा के शांति फार्म में आयोजित भारत में प्राकृतिक खेती विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। आचार्य देवव्रत ने अपने संदेश में गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिकीकरण की अंधी दौड़ में रसायनों के अत्यधिक उपयोग ने हमारी उपजाऊ भूमि को बंजर बना दिया है। अगर हम नहीं संभले, तो हम अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में केवल बंजर जमीन ही सौंपेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के बीच बुनियादी अंतर है और आज के समय की वास्तविक मांग प्राकृतिक खेती है। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व आईजी राजपाल सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचें मुख्य अतिथि, अन्य अतिथिगणों, किसानों, अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

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