कैथल में भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट ने शुक्रवार को खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में जिला सचिवालय में एक दिन की व भूख हड़ताल की। इसमें 11 किसानों ने आंदोलन के समर्थन में अनशन किया। धरने की अध्यक्षता भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल ने की। जबकि धरने का नेतृत्व युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने किया। धरने का संचालन किंद्र चीका ने किया। धरने पर 13 किसानों ने 10 से शाम चार बजे तक आंदोलन व किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे। इसमें सुभाष भागल, गुरनाम फरल, केवल सिद्ध, विक्रम दुसैण, गुलजार नंबरदार, सुरेंद्र मलिक बरटा, मोनी सिकंद्र खेडी, पिरथी कौल, रणधीर बरसाना, कुलदीप मलिक, गुरुमुख फरल, विक्रम सांपन खेड़ी शामिल थे। धरने पर युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना व जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल के नेतृत्व में तहसीलदार कैथल रविंद्र हुड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हरियाणा पंजाब के बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत है। इस आंदोलन में सरदार जगजीत सिंह किसानों की मांगो को लेकर पिछले कई दिनों से मरणव्रत पर बैठे हैं, उनकी सेहत बेहद नाजुक स्थिति में है। युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि आंदोलनरत किसानों की सभी मांगे जायज व तथ्यात्मक हैं। किसानों की इन मांगो का उनके संगठन का पूर्ण समर्थन है। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव के लेकर होने वाली व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा ख़त्म हो जाएगी। प्राइवेट स्थल पर केवल एक ही व्यापारी होगा, जिससे किसानों को उनकी फ़सल का उचित दाम नहीं मिलेगा। यदि सरकार अन्नदाता के साथ ऐसा व्यवहार करेगी तो देश विकसित कैसे होगा। इस धरने पर होशियार गिल प्यौदा, भूपेंद्र सांघन, बलिहार बगगा, अमित तंवर, भीम खनौदा, दीपा दुसैण, नरेंद्र फरल, बबली कौकत, सुरेंद्र प्यौदा, ओमप्रकाश चदंलाना, मोनी खेडी, शीलू गोलन, रामपाल मूंदडी, हरमन गिल, करेशन खनौदा आदि मौजूद थे।