शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर परिषद की ओर से कूड़ा उठाने के लिए किए जा रहे तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 11 मार्च तक बढ़ने के बाद अब शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद भी खत्म होती नजर आ रही है। सोमवार को हड़ताल को लेकर फिर फैसला होना है, लेकिन तब तक शहर की स्थिति और खराब होती जा रही है। शहर के लगभग सभी मुख्य मार्गों और कॉलोनियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गोहाना रोड, सफीदों रोड, रोहतक रोड, पटियाला चौक, रानी तालाब क्षेत्र, रेलवे रोड, पुराना बस स्टैंड, स्कीम नंबर-5, अर्जुन स्टेडियम मार्ग, प्रेम नगर, शास्त्री मार्केट, हांसी रोड, जुलाना रोड और अर्बन एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में सड़क किनारे कूड़ा फैला हुआ है। हालात ऐसे हैं कि शहर का शायद ही कोई इलाका बचा हो, जहां बदबू और गंदगी का असर न दिख रहा हो। कूड़े से उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का डर सताने लगा है। घरों में कूड़ा रखने से बदबू फैलती है, जबकि सड़क पर डालने से राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर परिषद ने निजी कर्मचारियों के माध्यम से कूड़ा उठवाने की कोशिश भी की, लेकिन सफाई कर्मियों द्वारा कूड़ा प्वाइंटों पर पहरा लगाए जाने से यह व्यवस्था भी सफल नहीं हो सकी। विवाद और टकराव की आशंका के चलते निजी स्तर पर उठान का काम आगे नहीं बढ़ पाया।