जींद में शुक्रवार को छठ पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। व्रती ने हांसी ब्रांच नहर के घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर और पूजा अर्चना करके निर्जल व्रत का समापन किया। पूर्वांचल प्रकोष्ठ के संयोजक संतोष कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। हर साल कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह छठ का पर्व मनाया जाता है। इस छठ के व्रत को संतान की लंबी आयु, पति के स्वस्थ जीवन और घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। उन्होंने बताया कि नहर के घाट पर विभिन्न प्रदेशों से आए लोगों के साथ मिलजुल का यह महापर्व मनाया जाता है। इस व्रत को पूरी शुद्धता, पवित्रता और साफ-सच्चे मन से करता हैं, उसकी सभी मनोकामनाएं छठी मईया पूरी करती हैं। व्रती राजू पाठक, शंकर शाह, चमन शर्मा, राजकुमार ने बताया कि यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाने वाला ये पर्व हिन्दू लोक आस्था से जुड़ा एक बड़ा पर्व है। इसे महापर्व का दर्जा दिया गया है। छठ का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक है।