17 जुलाई को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा और वीवीआईपी कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है। विशेष रूप से वीवीआईपी ड्यूटी के लिए तैनात एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंसों की अस्पताल के चिकित्सकों की निगरानी में बारीकी से जांच की जा रही है। चिकित्सक एंबुलेंसों में उपलब्ध सभी जीवनरक्षक उपकरणों, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की कार्यक्षमता का परीक्षण कर रहे हैं। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाली सभी जरूरी दवाइयों की उपलब्धता और उनकी वैधता की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी भी परिस्थिति में तत्काल और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। डॉ सुमन कोहली के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही एएलएस एंबुलेंसों को वीवीआईपी ड्यूटी स्थल के लिए रवाना किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।