भारतीय किसान यूनियन एकता, सिंधपुर (हरियाणा) की ओर से किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर देश के उपराष्ट्रपति को एक मांगपत्र भेजा गया है। इस मांगपत्र में किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र व राज्य सरकार से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है। किसानों ने रबी सीजन की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही हरियाणा सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों को जटिल बताते हुए कहा कि इससे खरीद प्रक्रिया कठिन हो गई है। किसानों को गेट पास, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ट्रैक्टर-ट्रॉली के नंबर प्लेट अपलोड जैसी प्रक्रियाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मंडियों में लंबा जाम लगने की आशंका है। मांगपत्र में आलू के गिरते दामों पर भी चिंता जताई गई। किसानों का कहना है कि उन्हें लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। हाल ही में कुछ किसानों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से राहत पैकेज देने और उचित मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते में खेती, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को शामिल न करने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि इससे देश के कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों ने किसान आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की भी मांग की है। मांगपत्र संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और भारतीय किसान यूनियन एकता के बैनर तले भेजा गया है।