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जींद में आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद होने का खामियाजा भुगत रहे बीपीएल कार्ड धारक

प्रदेश भर में आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद होने का खामियाजा बीपीएल कार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। इस पर सरकार भी चुप्पी साधे बैठी है तो वहीं नागरिक अस्पताल में ऑप्रेशन के नाम पर मरीजों को तारीख ही दी जा रही है। गरीब लोगों पर हड़ताल का भार पड़ रहा है। गतौली निवासी श्यामलाल ने बताया कि उसका सात वर्षीय बेटा शिवम गली में बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान गिरने से उसकी बाजू टूट गई। उसका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वह कार्ड पर बेटे की बाजू का इलाज करवाने के लिए शहर के निजी अस्पताल में आया था, लेकिन चिकित्सकों ने हड़ताल का बहाना बनाकर उसको वापस जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि अगर हड़ताल लंबे समय तक चली तो उसके बेटे को ज्यादा दिक्कत होगी। उन्होंने बेटे का भविष्य देखते हुए अस्पताल में कैश पर उपचार करवाने की सहमति जताई। इसके बाद पने जानकारों से इलाज के लिए रुपयों की व्यवस्था उन्होंने की, ताकि बेटे का इलाज बेहतर तरीके से करवाया जा सके। सरकार को चाहिए कि चिकित्सकों की मांग को माने। अगर इसी तरह से हड़ताल रही तो जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर है। उनको इलाज नहीं मिल सकेगा। इससे समाज में लोगों को बड़ी परेशानियां होंगी। सरकार को चाहिए कि हड़ताल के दौरान आने वाले आयुष्मान के मरीजों के बाद में बिल पास करवाए जाएं, ताकि उन पर इलाज का भार नहीं पड़े। सरकार, एसएचए द्वारा लंबे समय से देय भुगतान समय पर नहीं किया गया। इस कारण से सेवाएं बाधित हो रही हैं और अस्पतालों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अनुबंध संबंधित एवं प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी गंभीर चूक की बात कही गई है। भुगतान में लगातार देरी हो रही है। पैकेज दरे वास्तविक खर्च से मेल नहीं खाती। जब तक बकाया राशि जारी नहीं की जाती। उस समय तक आयुष्मान पर उपचार बंद रहेगा। -डॉ. अनिल जैन जिला प्रधान आईएमए।

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