हरियाणा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि एक वह भी सरकार थी जिसे संसद पर गो सेवा को लेकर प्रदर्शन करने वाले संतों पर गोलियां चलवाई थी। आज एक वह भी सरकार है जो सुबह उठकर गायों की सेवा करने का काम करती है। सुभाष बराला मंगलवार को शहर की नंदीशाला में आयोजित मकर संक्रांति उत्सव को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नंदीशाला के अध्यक्ष स्वामी राघवानंद ने की। इस अवसर पर हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष सरवन गर्ग, हरियाणा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के पुत्र रुद्राक्ष मिढ़ा, नगर परिषद की चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी के प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी, संत विज्ञानानंद महाराज, सदानंद महाराज, माता कृष्णा देवी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सुभाष बराला ने कहा कि सनातन संस्कृति में जो पर्व है उन सबका वैज्ञानिक आधार है। लोहड़ी और मकर संक्रांति के दो दिन दान-पुण्य का काफी महत्व है। इस प्रकार के मेले आयोजित होते रहने चाहिए। उनकी पार्टी की सरकार केंद्र और प्रदेश में लोगों को अपनी संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने राम के नाम का महत्व बताते हुए कहा कि हमारी सुबह भी राम-राम से होती है और शाम भी राम-राम से होती है जब कोई प्रभु के चरणों में विलीन हो जाता है तो भी राम नाम सत्य कहा जाता है। सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने बाबर जैसे आतातायी की निशानी को मिटा कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भव्य राम मंदिर का निर्माण किया है और आज इतना अंतर आ गया है कि पहले जो लोग छुट्टियां मनाने के लिए दूसरे स्थान पर जाते थे आज वह अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, उज्जैन, सालासर, वाराणसी, बालाजी आदि जगहों पर जाना पसंद करते हैं।