जींद। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में डीएसपी सुरेंद्र और विक्रम गिल, ईश्वर सिंह एलओ, हवलदार कृष्ण सिसाय, बंदी गोल्डी और दो चिकित्सकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। वहीं वीरवार सुबह लाखनमाजरा गांव में संदीप के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीएसपी ऋषभ सोढी ने प्रेसवार्ता में बताया कि संदीप पोक्सो एक्ट के मामले में जिला जेल में बंद था। उनके पिता का आरोप था कि वह पथरी की बीमारी से पीड़ित था और पीजीआई रोहतक में उसका इलाज चल रहा था। आरोप है कि जब संदीप ने इलाज की मांग की तो जेल अधिकारियों और एक कैदी ने उसके साथ मारपीट की। दो अगस्त की रात संदीप का शव जेल के बाथरूम में फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, प्रताड़ित करने तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।