बाल भवन में शनिवार को हिंदी दिवस पर अमर उजाला की तरफ से संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंच संचालन कवि बलराज स्नेही ने किया। इसमें कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा का महत्व बताया और देश की वर्तमान स्थित से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है। हमारे सुख-दुख में हमारी मातृभाषा ही काम आती है। हमारे कवियों ने भी हमारी मातृ भाषा के बारे में बहुत कुछ लिखा है। हम केवल हिंदी तक सीमित नहीं रहे बल्कि आज के दौर में सभी भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए। प्रशासनिक स्तर पर आज तक हिंदी को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जो मिलना चाहिए था। सभी विभागों में हिंदी में काम होना चाहिए। सरकार को इसकी तरफ ध्यान देने की जरूरत है। इसमें कवि भारत भूषण ने हिंदी का महत्व बताते हुए कहा कि हिंद का प्राण है हिंदी, मेरा अभिमान है हिंदी, भारती मां की वीणा का गूंजता गान है हिंदी।