निपुण हरियाणा मिशन के तहत खंड मातनहेल और साल्हावास में आज प्राथमिक शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला फोगाट, जयपाल दहिया एवं जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया मौजूद रहे। दो-दो बैच में चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मातनहेल कुल 88 तथा साल्हावास में 74 शिक्षकों और मैंटर्स को प्रशिक्षित किया गया। इन दो दिनों में शिक्षकों को मुख्य रूप से रेमेडियल शिक्षण पर कार्य करने की रूपरेखा के विषय में बताया गया, जिसका आधार विभाग की तरफ से किया गया सेंसस असेसमेंट है। हिंदी तथा गणित विषय के निपुण लक्ष्यों के अनुसार छात्रों की प्रगति को ट्रैक करना, दक्षता आधारित शिक्षण कार्य की रूपरेखा, रणनीतियां और रेमेडियल ट्रैकर के प्रयोग से संबंधित सत्र इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ साझा किए गए। इसके अलावा एक सत्र आने वाले बुनियादी अधिगम अध्ययन के तहत होने वाले आकलन पर भी लिया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर की भूमिका मोनिका, सरिता, सुधा तथा परमिला, मुकेश, कृष्णा, नीतू और अनूप ने निभाई। जिला एफएलएन समन्वयक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण को संजीदगी से लेने की बात कही और कक्षाकक्ष में इस प्रशिक्षण में सीखी गई बारीकियों को क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब आउटपुट अर्थात बच्चों के अधिगम स्तर में बढ़ोतरी पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनपुट पर काफी अच्छा काम हो रहा है। इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को कक्षाकक्ष में उतारें और अपने विद्यार्थियों को निपुण बनाएं। खंड शिक्षा अधिकारी राजबाला फोगाट और जयपाल दहिया ने कहा कि शिक्षण एक ऐसा पवित्र और परिवर्तनकारी कार्य है, जो न केवल कक्षाकक्ष तक सीमित रहता है बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।