नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रही। कच्चे, पक्के और ठेकेदारी में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान राजेश बालगुहेर ने की, जबकि मंच संचालन सचिव अमित ने किया। कर्मचारियों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेशों को लागू करते हुए 5 और 10 साल से कार्यरत कर्मचारियों को पक्का करने की मांग उठाई। इसके अलावा ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाल करने और कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी दोहराई गई। धरने में झज्जर जिले के सफाई कर्मचारी राजेश पुत्र प्रताप सिंह की भूख हड़ताल के दौरान हुई मौत का भी मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। यूनियन नेताओं ने राजेश को “संघर्ष का शहीद” बताते हुए परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। वहीं फरीदाबाद अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मियों भविचंद शर्मा और रणबीर को शहीद का दर्जा, एक-एक करोड़ रुपये सहायता और परिवार के सदस्य को नौकरी देने की भी मांग रखी गई। धरने में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।