बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर एमडीडी ऑफ इंडिया ने स्कूलों, ग्रामीण समुदायों और अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और पूरे जिले में जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए। संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों को सजा हो सकती है। जिला समन्वयक मनोज कुमार ने बताया कि वीरवार को शहर में स्कूली बच्चों ने जागरूकता रैली निकाली। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों व जिला प्रशासन के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए एमडीडी ऑफ इंडिया ने पिछले एक वर्ष में ही बाल विवाह रुकवाए हैं। जिले को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा। इसका पहला चरण 31 दिसंबर तक चलेगा जिसमें स्कूलों, कालेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता के प्रसार पर जोर रहेगा। एक से 31 जनवरी के बीच दूसरे चरण में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जहां विवाह संपन्न कराए जाते हैं, बैंक्वेट हाल, और बैंड वालों जैसे विवाह में सेवाएं देने वालों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। तीसरा और आखिरी चरण 8 मार्च तक चलेगा। इसमें बाल विवाह की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों, नगरपालिका के वार्डों और समुदाय स्तरीय भागीदारी पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा।