विज्ञान शिक्षक अनिल छाबड़ा ने कहा कि विज्ञान ने सभी की जिंदगी बदल दी है। आज हर काम तेजी हो रहा है। पहले जहां किसी को करने में काफी समय लग जाता था, वहीं अब वह काम चंद मिनटों में हो जाता है। आज इंसान एआई तक की तकनीक ला चुका है। वह शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने हमारी स्पीड बढ़ा दी है। पहले हम कहीं जाते थे तो कई दिन की यात्रा लगती थी, लेकिन सुबह हम किसी शहर में होते हैं और शाम किसी दूसरे विदेश में हो जाती है। सेटेलाइट के जरिये युद्ध तक लड़े जा रहे हैं। यही विज्ञान ने हमें दिया है। शिक्षिका सपना ने कहा कि आज विज्ञान की तकनीकों के चलते हर काम चुटकियों में हो जाते हैं। पहले महिलाओं को छोटे-छोटे कार्यों में घंटों लगना पड़ता था, लेकिन आज ऐसे उपकरण आ चुके हैं, जिससे काम मिनटाें में हो जाता है। विज्ञान ने हमारी सुविधाओं को बढ़ाया है, लेकिन इसका सही प्रयोग किया जाना चाहिए। आज विज्ञान का गलत प्रयोग भी हाे रहा है। मसलन एआई, डिपनेक सहित तकनीक अच्छे कार्यों में प्रयोग की जानी चाहिए। नविंद्र कुमार ने कहा कि एआई्र ड्रोन जैसी तकनीक ने इंसान की जिंदगी आसान बना दी है। हर काम आसानी से होने लग गए हैं। इसका उचित प्रयोग जरूरी है। विज्ञान का गलत प्रयोग होने से तबाही भी हो सकती है। छात्र विदित कुमार ने कहा कि विज्ञान का प्रयोग अब किसी में किया जा रहा है। खेत से लेकर चिकित्सा क्षेत्र हो या राकेट लांचर की बात हो, हर जगह विज्ञान का अहम योगदान हमारे जीवन में है। विज्ञान के आविष्कारों से ही अब हर काम संभव हो पा रहा है। छात्रा रिया ने कहा कि विज्ञान ने कई आविष्कार किए हैं। पहले इंसान घोड़ा-बग्गी में चलता था, लेकिन आज हवाई जहाज, राकेट तक लांच हो चुके हैं। एआई जैसे तकनीक से कई काम आसान किए हैं। छात्र जैश ने कहा कि हमारी रोजमर्रा की गतिविधियां विज्ञान द्वारा संचालित हैं, चाहे वह खाना पकाना हो या जीपीएस के माध्यम से रास्ता खोजना। यहां तक कि सबसे छोटे अवलोकन जैसे आकाश नीला क्यों दिखता है या पौधे कैसे बढ़ते हैं, वैज्ञानिक चमत्कार हैं। विज्ञान नई तकनीकों को विकसित करने और मानवता की समस्याओं को हल करने की क्षमता है। छात्रा शानू ने कहा कि विज्ञान दिवस मनाने का असली मकसद तब पूरा होगा जब हम ‘जुगाड़’ से आगे बढ़कर इनोवेशन की तरफ बढ़ेंगे। हमें अंधविश्वासों की बेड़ियों को तोड़कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। छात्रा अंजलि ने कहा कि लक्ष्य को पाने के लिए सही अवसर और एक्सपोजर मिलना बहुत जरूरी है।