जहांगीरपुर गांव की कच्ची फिरनी को सीमेंटेड कराने की ग्रामीणों की मांग आखिरकार पूरी हो गई। प्रशासन ने फिरनी निर्माण के लिए 45 लाख रुपये की लागत स्वीकृत कर दी है। मांग पूरी होने के बाद पिछले छह दिनों से धरना और भूख हड़ताल पर बैठे मास्टर दीपक शर्मा और सुरेंद्र ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। एसडीएम विशाल कुमार ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि अगले महीने के पहले सप्ताह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद फिरनी निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। मांग पूरी होने के बाद ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। छह दिनों से चल रहे आंदोलन के समाप्त होने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से खराब पड़ी फिरनी के निर्माण से गांव के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।