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झज्जर के बेरी में नवरात्र के दूसरे दिन मां भीमेश्वरी मंदिर में जले आस्था के दीप

मां भीमेश्वरी देवी के ऐतिहासिक मंदिर में चैत्र नवरात्रे के दूसरे दिन अलसुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। धर्मनगरी बेरी में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से चारों और धार्मिक माहौल बना हुआ है। मां के दरबार में सुबह साढ़े 4 बजे मंदिर के पट खुलने से पहले ही लाइन लग गई। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर जयकारे लगाए और घर व परिवार की सुख शांति के लिए मन्नत मांगी। उन्होंने मां का प्रसाद ग्रहण किया। बेरी मंदिर की मान्यता इतनी अधिक है कि न केवल आस-पास के क्षेत्रों से बल्कि दूर-दराज राज्यों से भी लोग मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते है और यहां नवरात्रों के पूरे नौ दिन बेरी में ही रहकर मां की पूजा-अर्चना करते है। यहां मुख्य मेला सप्तमी और अष्टमी के दिन लगता है। मात्र इन दो दिनों में भी लाखों की संख्या में लोग मां के दर्शनार्थ बेरी पहुंचते हैं। इसी भीड़ के मंदिर के चारों और के सडक़ मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर बैरिकेटिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता होता है। मां के स्वागत में हर कोई बैठा है तैयार बेरी में स्थित मां भीमेश्वरी देवी के यहां दो मंदिर है। एक मंदिर बाहरी क्षेत्र में है और एक भीतर आबादी वाले क्षेत्र में। चली आ रही पंरपरा के अनुसार दिन के समय में मां बाहरी क्षेत्र स्थित बने मंदिर में विराजमान रहती है। जबकि सायं से लेकर रात्रि तक मा भीतर वाले मंदिर में अपने भक्तों को आर्शीवाद देती है। पिछले कई दशकों से चले आ रहे सिलसिले में हर कोई मां के स्वागत को तैयार बैठा हुआ दिखाता है। मां को भीतर से बाहर वाले मंदिर लाने और ले जाने के समय पर यहा खास व्यवस्था होती है और उस दौरान हर किसी को इस बात का इंतजार रहता है कि वह भी मां के दर्शन प्राप्त करते हुए अपने जीवन को सफल बनाएगा। बारिश में दिखी श्रद्धालुओं की आस्था सुबह साढ़े चार बजे हल्की बूंदाबादी शुरू हो गई थी और उसके बाद मंदिर में आरती होने के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। मंदिर में दर्शन करने वालों की भीड़ लगी रही। बारिश होने के कारण मंदिर के मेन मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई।

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