झज्जर को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन नीलम अहलावत पर समिति के आधा दर्जन डायरेक्टरों ने पद के दुरूपयोग का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चेयरपर्सन नीलम अहलावत पर जो आरोप लगे हैं वह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। चेयरपर्सन पर आरोप लगाने वाले आधा दर्जन डायरेक्टर बैठक में भाग लेने भी पहुंचे थे। लेकिन वहां पहुंचते ही बैंक के डीआर ने चार को उनके निलंबन का नोटिस थमा दिया और उन्हें बैठक से बाहर निकाल दिया गया। जोकि गैरकानूनी है। इस मामले में असंतुष्टों की तरफ से पक्ष रख रहे डायरेक्टर जयवीर मोर का कहना था कि उन्हें निलम्बित क्यों किया गया है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पर जाने वाले है। उन्होंंने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बैंक की चेयरपर्सन नीलम अहलावत अपने पद का दुरूपयोग कर रही है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि माननीय अदालत से उन्हें जरूर न्याय मिलेगा।