100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त रत के तहत शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर, महिला एवं बाल विकास विभाग, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी तथा एमडीडी आफ इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में महाराणा गांव, झज्जर शहर, जाखोदा जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर के सीजेएम विशाल के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। इसके तहत आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महाराणा तथा झज्जर शहर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एमडीडी आफ इंडिया से सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जांगड़ा, पूनम डागर ने उपस्थित महिलाओं तथा पुरुषों को बाल विवाह से उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के चलते बालिकाओं का शारीरिक मानसिक आर्थिक व भावनात्मक विकास नहीं हो पाता, जिससे वह बालिकाएं जिनका बाल विवाह होता है, वह विकास रूपी दौड़ में पिछड़ जाती है। पूनम ने कहा कि बाल विवाह का एक कारण लैंगिक असमानता भी है। पितृसत्तात्मक सोच के चलते बालिकाओं के साथ भेदभाव होता ,है जो आगे चलकर बाल विवाह का कारण भी बनता है इसलिए पितृसत्तात्मक सोच पर प्रहार करने की जरूरत है ताकि बालिकाएं अपने जीवन का संपूर्ण विकास कर सकें। सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जांगड़ा ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है। जो कोई व्यक्ति अपने बच्चों का बाल विवाह करवाता है, उसमें उन माता पिता को सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। प्रधानाचार्य सोमबीर अहलावत ने कहा कि बाल विवाह खत्म करने के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना होगा। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम करने की जरूरत है। साथ ही अगर सब व्यक्ति एक जिम्मेवार नागरिक की भांति बाल विवाह के खिलाफ प्रचार प्रसार करे तो निसंदेह बाल विवाह जैसी बुराई पर अंकुश लगेगा। इस अवसर पर जिला समन्वयक मनोज कुमार, पूनम, संदीप जांगड़ा, सुपरवाइजर मनीषा, सुपरवाइजर प्रीति, प्रमिला, बनीता, पिंकी, नीलम, कविता, माधुरी मौजूद रहे।