अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुरानी नगर पालिका परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नगरपालिका, सफाई, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य विभागों से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार लगातार कच्चे कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग है कि सभी कच्चे कर्मचारियों को जल्द पक्का किया जाए। साथ ही जब तक कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाता, तब तक उन्हें न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन दिया जाए। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान शिवम ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं करेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी संगठन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने फरीदाबाद में शहीद हुए दो कर्मचारियों और झज्जर के एक कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार को शहीद कर्मचारियों के परिवारों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। कर्मचारी संगठनों ने घोषणा की कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के करीब 40 हजार कर्मचारी शुक्रवार और शनिवार को हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के चलते नगरपालिकाओं और संबंधित विभागों के कार्य प्रभावित होने की संभावना है। प्रदर्शन के अंत में कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।