जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर, महिला एवं बाल विकास विभाग, संरक्षण एवं बाल निषेध अधिकारी और एमडीडी आफ इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत बेरी, माछरौली तथा झज्जर शहर में जागरूकता अभियान चलाया गया। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय से धर्मेंद्र ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 को लेकर विस्तार से बातचीत रखी। उन्होंने कहा कि यह कानून बच्चों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया तथा इस कानून का सख्ती से पालन करना जरूरी है ताकि बालक बालिकाओं का सर्वांगीण विकास हो सके और उनके सपने पूरे हो सके। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर संजू ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 को लेकर कहा कि इस नियम के पालन करने से समाज मजबूत होगा, क्योंकि किसी भी समाज का विकास तभी माना जाता है। जब वहां के किशोर- किशोरियों, युवक-युवतियां अपने पैरों पर खडे़ हों। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से प्राध्यापक प्रवीण ने कहा कि बाल विवाह बच्चों को उनके सपनों से दूर करता है ओर बाल विवाह के चलते घरेलू हिंसा को बढ़ावा मिलता है, इसलिए बाल विवाह पर लगाम लगानी जरूरी है। पैरा लीगल वालेंटियर कर्मजीत छिल्लर ने कहा कि ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर द्वारा बाल विवाह रोकथाम हेतु समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है। इस अवसर पर जिला समन्वयक मनोज कुमार, सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप जांगड़ा, पूनम डागर, सुमित्रा, राजकुमार मल्हान, उर्मिल राठी, नरोत्तम, सुमन, प्रीति, संजना मौजूद रहे।