आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय में धरना दिया और प्रदर्शन किया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ, डीसी को मांगों का ज्ञापन दिया गया। कर्मचारी नेता प्रकाशी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग गुजरात हाईकोर्ट का फैसला हरियाणा सरकार लागू करे। उन्होंने कहा कि उन पर काम का दबाव ज्यादा है, लेकिन उचित मेहनताना नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर को तृतीय श्रेणी और हैल्पर को मिले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्करों ने न्यूनतम वेतन 26 हजार देने की मांग की। आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि सरकार से मिले फोन पर ओटीपी लेने की समस्या आ रही है। पोषण ट्रेकर पर राशन तभी चढ़ता है, जब पात्र की फोटो अपलोड होती है। यही नहीं आंगनबाड़ी केंद्रों पर जो राशन भेजा जा रहा है, उसकी एक्सपायरी डेट भी नजदीक होती है। ऐसे में राशन जल्द एक्सपायर हो जाता है, जिससे देने में दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले राशन की बजाय उनके खाते में सरकार पैसे डाले।