गांव सोरखी में मोटर चोरी के शक में एक युवक को अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर चोरी के आरोप में पकड़े गए एक युवक को ट्यूबवेल के कुएं में उल्टा लटकाने और डंडों से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना करीब दो दिन पुरानी बताई जा रही है। वीडियो में नजर आ रहा युवक (बारू) फिलहाल घायल अवस्था में हांसी के नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन है। ग्रामीणों का दावा: रंगे हाथों पकड़ा गया था आरोपी गांव सोरखी के लोगों के अनुसार, खेत मालिक ने युवक को सोलर पैनल से जुड़ी मोटर चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। घटना के समय उसका एक अन्य साथी भी मौके पर था, जो फरार होने में कामयाब रहा। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से खेतों से लगातार मोटरें चोरी हो रही थीं। पकड़े जाने के बाद गुस्साए लोगों ने बारू के पैर रस्सी से बांधे और उसे कुएं में उल्टा लटकाकर पूछताछ की। वायरल वीडियो में युवक कथित तौर पर चोरी की बात और चुराई गई मोटर को भिवानी रोड स्थित एक कबाड़ी को बेचने की बात स्वीकार करता हुआ नजर आ रहा है। बाद में डायल 112 को बुलाकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पीड़ित युवक का पक्ष अस्पताल में भर्ती बारू ने चोरी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि उसका पेट खराब था, जिस कारण वह खेतों की तरफ गया था। बारू ने बताया कि तभी कुछ लोगों ने शोर मचाकर मुझे पकड़ लिया और चोरी का झूठा आरोप लगा दिया। मेरे पास मोटर खोलने का कोई औजार नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने मेरे पैर रस्सी से बांधकर मुझे कुएं में उल्टा लटका दिया। बाहर निकालकर मुझे बुरी तरह पीटा गया और जबरन बुलवाया गया कि मैंने चोरी की है। बारू ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले उसके ही गांव के लोग हैं, जिन्होंने उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। पीड़ित अब मामले में पुलिस को औपचारिक शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करवाने की बात कह रहा है। पंचायत और पुलिस का रुख गांव से लगातार हो रही चोरियों को लेकर सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र ने बताया कि खेतों से मोटर चोरी का मामला सामने आया था, लेकिन बाद में मामला रफा-दफा हो गया था। उन्होंने खुद के बाहर होने के कारण इस मामले की अधिक जानकारी होने से इनकार किया। वहीं, कानून-व्यवस्था के सवाल पर बास थाना के एसएचओ पवितर सिंह ने बताया, "इस मामले में थाना या सोरखी चौकी में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है।