राव बहादुर डॉ. रामधन सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, डॉ. सुरेंद्र दलाल कीट साक्षरता मिशन और हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से दो दिवसीय जाट धर्मशाला में राज्यस्तरीय कृषि कार्यशाला आयोजित की गई। इसके दूसरे दिन रिटायर जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह भ्याण ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की अपील की। इससे पहले सत्र में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) पूर्व कुलपति डॉ. केएस खोखर मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि वह 78 वर्ष की आयु में भी देशभर में आयोजित कार्यक्रम में आते-जाते हैं। रोहतक जिले में स्थित पैतृक जमीन की देखभाल के साथ ही उन्होंने हाल में फतेहाबाद जिले में भी कृषि भूमि खरीदी है। डॉ. खोखर बताते हैं कि बचपन में वह पढ़ाई के साथ कृषि कार्य भी करते थे। उस समय अधिकतर किसान सपरिवार खेती में व्यस्त रहते थे। किसानों के लिए खेती ही पूजा, जाति, धर्म से बढ़कर थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। इसलिए अब कृषि शोध की दिशा बदलनी होगी।