जाट एजुकेशन सोसायटी की चुनाव प्रक्रिया पर डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एंड सोसायटीज ने स्टे दिए जाने के बाद संस्था ने चुनाव प्रक्रिया रोक दी है।जाट एजुकेशन सोसायटी के निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट प्रदीप बाजिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डीआर की ओर से आदेश मिले हैं। हम डीआर कार्यालय को पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराएंगे। मतदाता सूची पर हमने आपत्तियां, दावे मांगे थे। मतदाता सूची में सुधार के लिए सभी संस्थाओं की ओर से यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। हम डीआर के समक्ष अपना रखेंगे। एडवोकेट योगेश सिहाग, राजकुमार बामल, अंकित श्योराण की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए डिस्टि्रक रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एंड सोसायटीज बृजपाल ने बुधवार का बृजपाल सिंह ने यह आदेश जारी किए थे डीआर बृजपाल ने 15 दिन में वोटर लिस्ट पर लगाई गई आपत्तियों पर जवाब मांगा है।जाट एजुकेशन सोसायटी में 296 कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव के लिए 26-27 मार्च को नामांकन लिए जाने थे। जाट एजुकेशन सोसायटी के 14605 मतदाताओं को अपनी वोट का प्रयोग कर 296 कॉलेजियम चुनने थे। जिसके लिए 26 व 27 मार्च को कॉलेजियम सदस्यों के लिए नामांकन किया जाना था। एडवोकेट योगेश सिहाग, राजकुमार बामल, अंकित श्योराण सहित अन्य लोगों ने मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए डिस्टि्रक रजिस्ट्रार ऑफ फर्म एंड सोसायटीज के समक्ष याचिका दायर की थी। जिसमें याचिकाकर्ताओं ने कहा कि 2020 की वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदाता सूची में 14605 लोगों में से करीब 1500 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें काफी मौत कोविड के दौरान हुई थी। मतदाता सूची को अपडेट किए गए बिना चुनाव कराना पूरी तरह से गलत होगा। पहले मतदाता सूची को शुद्ध किया जाए इसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया शुरु हो। डीआर बृजपाल ने इस मामले में सुनवाई करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी है। निर्वाचन अधिकारी से वोटर लिस्ट सहित सभी पक्ष 15 दिन में पेश करने के आदेश दिए हैं।