लोगों के स्वास्थ्य से कैसा खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक तरफ कैमरी रोड जलघर में दूषित पानी भरना शुरू कर दिया तो दूसरी तरफ किसी पॉल्ट्री फार्म मालिक ने मरी हुई मुर्गियों को बालसमंद नहर में फेंक दिया। उधर रात 10 बजे के बाद नहरों में पानी साफ हुआ तो जलघरों को भरने का काम शुरू किया गया। नहरों में साफ पानी न आने के कारण शहर के जलघरों में अब नाममात्र का ही पानी बचा है। इसी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने पेयजल आपूर्ति में कटौती लागू कर दी है। पेयजल किल्लत के मद्देनजर यह फैसला किया गया था कि सोमवार से खेतों में भरे पानी को नहरों में डालना बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद नहरों में साफ पानी डाला जाए। जब अधिकारी इस बात से सुनिश्चित हो जाएंगे कि अब पानी साफ हो चुका है और इसे जलघर में भरा जा सकता है तो ही जलघर को भरा जाएगा। जलघर में पीले रंग का दूषित पानी भरा जा रहा बालसमंद नहर में मंगलवार सुबह अचानक फुल पानी चलने लगा। हालांकि दूषित पानी ही था। मगर कैमरी रोड जलघर के कर्मचारी इस पानी से ही जलघर को भरने लगे। इस पानी का रंग एकदम पीला था और इस पानी से झाग भी उठ रहे थे, जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि यह पानी कितना दूषित है। हालांकि और किसी भी जलघर में इस पानी को नहीं लिया और रात तक अधिकारी पानी के साफ होने का इंतजार करते रहे।