रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनों के लिए मुफ्त की सवारी बहनों के लिए सुहाना सफर बन गई। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को बसों में भीड़ बेहद कम नजर आई। शनिवार को मौसम भी सुहाना हो गया। महिलाओं को बसों में सीट मिली। रोडवेज बस अड्डे पर रोडवेज व सहकारी समिति की बसों में निशुल्क बस यात्रा की उदघोषणा की जा रही थी। लंबी दूरी की बसों में यात्री काफी कम नजर आए। रोडवेज व सहकारी समिति की बसों में बहनों व 15 साल तक के बच्चों को शुक्रवार दोपहर 12बज से शनिवार रात 12बज तक निशुल्क बस यात्रा दी गई है। लगातार 36 घंटे तक मिलने वाली निशुल्क बस यात्रा के लिए शुक्रवार दोपहर से ही महिलाएं व बच्चे बसों में सवार होना शुरु हो गए थे। वातानुकूलित बसों को इस श्रेणी से बाहर रखा गया था। बस अड्डे पर दोपहर से ही भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। जिसमें लोकल रूट की बसों को लेकर सबसे अधिक मारामारी थी। जिस कारण विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों में सीट न मिलने पर कई महिलाओं को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी जबकि झुंपा, सिवानी, पाबड़ा, बहल, तोशाम, हांसी, नारनौंद, आदमपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रों की बसों में भीड़ होने के कारण कई यात्री बस की सीढ़ी और दरवाजे पर यात्रा करते दिखे जबकि कुछ युवा बसों की छत पर सवार होकर आवाजाही के लिए मजबूर हो गए। तेज धूप होने के कारण छतों पर सवार यात्री गर्मी से बचने के लिए गमछे से सिर ढकने के लिए मजबूर हुए थे। डिपो में 271 बसों का बेड़ा है। इनमें से गैर वातानुकूलित बसों को छोड़कर शेष करीब 250 रोडवेज बसों में महिलाओं और बच्चों ने मुफ्त यात्रा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकतम बसों को दुरुस्त कर सभी मार्गों पर तय समय पर संचालित किया जा रहा है। यात्री सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए बसों, शौचालयों और रोडवेज स्टेशन परिसर में सफाई और पेयजल आपूर्ति भी दुरुस्त की गई है। राहुल मित्तल,महाप्रबंधक रोडवेज