सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 14वें दिन भी जारी रही। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लागू करवाने और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया और मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, जोखिम भत्ता देना तथा दमकल और सीवर कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। हड़ताल के चलते कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सड़कों, डस्टबीन व डंपिंग प्वाइंट के आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिला प्रधान बलजीत ने कहा कि 6 अगस्त से शुरू हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को आज 14 दिन हो चुके हैं। प्रदेशभर में हजारों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल का साफ-सफाई व्यवस्था पर बुरी तरह असर पड़ा है और सड़कों पर करीब 5 से 7 हजार टन कूड़ा जमा हो गया है। उन्होंने कहा कि कूड़ा डंपिंग प्वाइंट और डस्टबीन के आसपास गंदगी बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। खासकर स्कूलों और अस्पतालों के आसपास सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों को जल्द लागू किया जाए और कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा किया जाए। वहीं, हरियाणा में अग्निशमन कर्मचारी सुरेन्द्र ने बताया कि अपनी मांगों और समस्याओं का समाधान न होने के कारण लंबे समय से हड़ताल और प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके चलते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।