टोहाना के गांव जमालपुर व खनोरा में 8-9 जून को आई तेज आंधी के बाद से बिजली-पानी का भारी संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण पीने के पानी और खेतों में धान की पनीरी बचाने के लिए जूझ रहे हैं। मंगलवार को दोनों गांवों के ग्रामीणों ने एसडीएम आकाश शर्मा से मुलाकात कर समस्या के समाधान की गुहार लगाई। सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण सैनी ने बताया कि 8-9 जून को आई आंधी से समैण से आने वाली लाइन के करीब 50-60 बिजली के पोल टूट गए। तभी से 16 जून तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। गांव की ढाणियों में इंसानों और पशु-पक्षियों के लिए पीने तक का पानी नहीं है। जमींदारों ने खेतों में जो धान की पनीरी लगाई थी, वह पानी के अभाव में सूखने की कगार पर है। सैनी ने कहा कि अगर पनीरी ही खत्म हो गई तो आगे धान की रोपाई कैसे होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि आंधी से 6 महीने पहले भी टूटे पोलों को बदलने के लिए बिजली निगम को दरख्वास्त दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 5-6 दिन पहले भी एसडीएम से मिले थे। तब एसडीएम ने सोमवार तक समाधान का भरोसा देकर बिजली विभाग को बुलाने की बात कही थी। मगर मंगलवार तक भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। एसडीएम आकाश शर्मा ने ग्रामीणों को 3 दिन में खेतों व गांव की बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि एसडीएम साहब पर भरोसा है, लेकिन पीने के पानी के बिना 2 दिन भी निकालना मुश्किल है। 10 दिन हो गए, अब सब्र टूट रहा है। ग्रामीण मिठू राम ने बताया कि जमालपुर और खनोरा में हालात बदतर हैं, जबकि दमकोरा व अमानी में बिजली चल रही है। खेतों में लगी धान सूख रही है और ढाणियों में पशुओं का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि वे डीसी फतेहाबाद, एसई बिजली निगम फतेहाबाद, एक्सईएन और एसडीएम टोहाना को कई बार लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। चेतावनी दी कि अगर 3 दिन में बिजली बहाल न हुई तो दोनों गांवों के लोग बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।