केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा बुधवार को सरकारी और निजी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को जांचने के लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के तहत सर्वे किया। इस सर्वे में जिले के 2213 विद्यार्थियों को शामिल किया गया और उनकी परीक्षा ली गई। परीक्षा सुबह 11 बजे जिले के 91 स्कूलों में हुई। इस सर्वे में कक्षा तीसरी, छठी और नौंवी के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। अधिकारियों की माने तो इसका परिणाम फरवरी माह में जारी किया जा सकता है। इसी परिणाम के आधार पर केंद्र सरकार आगे की रणनीति बना सकती है। सर्वे को लेकर जिला शिक्षा विभाग, डाइट मताना और सीबीएसई की तरफ से अधिकारी अलर्ट रहे और केंद्रों पर जाकर निरीक्षण किया। परीक्षा को लेकर प्रत्येक के केंद्र के लिए एफआई और ऑब्र्जवर नियुक्त किए गए थे। ये सर्वे तीन साल बाद हुआ है। इससे पहले वर्ष 2021 में हुआ था। सर्वे में नौंवी कक्षा के विद्यार्थी रहे ज्यादा सर्वे में जिले के 91 स्कूलों को शामिल लिया गया है। कक्षा तीसरी के लिए 13 प्राइवेट और 16 सरकारी, कक्षा छठी के लिए 14 प्राइवेट और 15 सरकारी व कक्षा नौंवी के लिए 15 प्राइवेट और 15 सरकारी स्कूलों को शामिल किया है। कक्षा तीन के 29 स्कूलों के 598 विद्यार्थी, कक्षा छठी के 29 स्कूलों के 728, कक्षा नौंवी के 33 स्कूलों के 887 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। सर्वे के तहत परीक्षा के दौरान तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के छात्रों की तीन-तीन विषयों की परीक्षा ली गई। कक्षा तीसरी और छठी के विद्यार्थियों की भाषा, गणित और पर्यावरण विषय की डेढ़ घंटे की परीक्षा ली गई जबकि नौंवी कक्षा के विद्यार्थियों की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में से किसी तीन विषयों की दो घंटे की परीक्षा ली गई। कक्षा तीन और छह में कुल 45 अंक और कक्षा 9 में कुल 60 अंकों की परीक्षा हुई। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के तहत कक्षा तीसरी, छठी और नौंवी के विद्यार्थियों को सर्वे में शामिल किया गया है। जिले के निजी और सरकारी स्कूलों के 2213 विद्यार्थियों की परीक्षा ली गई है। इस परीक्षा के परिणाम के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। जो कमियां मिलेंगी उन्हें सुधारने का सरकार प्रयास करेगी। - वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।